सभी भूतों का कलन (ग्रास) करने वाला महाकाल (शिव का एक रूप) है, उस महाकाल का भी जो कलन करे...
स्वतंत्रता पूर्व काल में लोकमान्य जी के निश्चयी तथा जाज्वल्य नेतृत्व गुणों से ओतप्रोत उनकी पत्रकारिता वैचारिक आंदोलन के लिए...
भय के देवता महाभैरव को यज्ञ में कोई भाग नहीं दिया जाता। कुत्ता उनका वाहन है। क्षेत्रपाल के रूप में...
महतत्व से लेकर पंच्च् महाभूत – पर्यन्त यह समस्त जगत तुम्ही से सृष्ट होता है सब कारणों का कारण बह...
प्रत्येक बुद्ध मनुष्य रूप में दीखता है। ७ लोक, २४ प्रकृति या बुद्धि के २८ अशक्ति के अनुसार ७, २४,...
यज्ञ के विभिन्न क्रम हैं-आरम्भ के लिये पदार्थों का संग्रह ब्रह्मा है, उसमें परिवर्तन और क्रिया विष्णु है, अन्त में...
संभाजीराजा ने जो अलौकिक कार्य अपनी अल्प आयु में किए,उसका प्रभाव संपूर्ण हिंदुस्तान पर पडा । इसलिए प्रत्येक हिंदु को...
बुद्धिजीवियो के सामने केवल 2 ही विकल्प हैं, एक तो हनुमानजी की भांति न्यूनतम एक पराक्रम करने के लिए सिद्ध...
हनुमान शब्द की व्याख्या यद्धपि आसान नही है। फिर भी इस पोस्ट मे ‘हनुमान’ जी को समझने का ...
श्रीदत्तात्रेय के अवतार में हमें असाधारण वैशिष्ट्य का दर्शन होता है। वे योगियों के परम ध्येय होने के कारण सर्वत्र...