कालपुरुष व्यापक है, आदि है और यज्ञ पुरुष सादि है, सीमित है।...
श्रीरामजी के द्वारपर श्रीहनुमान्जी सतत विराजमान रहते हैं और बिना उनकी आज्ञा के कोई रामजी की ड्योढ़ी में प्रवेश नहीं...
वराह ने समुद्र पार कर हिरण्याक्ष को मारा। जेन्द अवेस्ता के अनुसार हिरण्याक्ष का राज्य आमेजन नदी के क्षेत्र (दक्षिण...
श्रीरामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा है।...
केन्द्र–त्रिकोण का सिद्धान्त ज्योतिषशास्त्र का ऐसा आधार है जिस पर समस्त योग-सिद्धान्त, राजयोग, लक्ष्मीनारायण योग, धर्म–कर्माधिपति योग तथा अनेक चर-स्थावर,...
गीता में पहले महर्षियों तथा मनु आदि से सृष्टि का आरम्भ कहा है तथा विभिन्न प्रकार की सृष्टियों में सर्वश्रेष्ठ...
धर्म में बताए गए ऐसे पारंपरिक कृत्यों के पीछे के अध्यात्मशास्त्र को समझ लिया जाए, तो उनका महत्त्व हमें स्पष्ट...
मनुष्य का अनुकरण करने वाले पशु को भी कपि कहते हैं। तेज का स्रोत विष्णु है, उसका अनुभव शिव है...
प्रतिदिन अग्निहोत्र करना केवल आपातकाल की दृष्टि से ही नहीं, अपितु सामान्य जीवन में भी अत्यंत लाभकारी है।...
चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है।...