श्रीरामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा है।...
धर्म में बताए गए ऐसे पारंपरिक कृत्यों के पीछे के अध्यात्मशास्त्र को समझ लिया जाए, तो उनका महत्त्व हमें स्पष्ट...
प्रतिदिन अग्निहोत्र करना केवल आपातकाल की दृष्टि से ही नहीं, अपितु सामान्य जीवन में भी अत्यंत लाभकारी है।...
अग्नि का पुनः ज्वलन-सम्वत्सर रूपी अग्नि वर्ष के अन्त में खर्च हो जाती है, अतः उसे पुनः जलाते हैं, जो...
इस प्रकार की सोत्कण्ठ भक्त की प्रार्थना से भगवान् द्रुत होकर भक्त से मिलने को दौड़ पड़ते हैं।हाँ, यह ठीक...
हिंदू कृतज्ञतापूर्वक गौ को माता कहते हैं । जहां गौ माता का संरक्षण-संवर्धन होता है, भक्ति भाव से उसका पूजन...
यह व्रत आदिशक्ति की उपासना ही है। देवी मां नवरात्रि के नौ दिनों में जगत में तमोगुण का प्रभाव घटाती...
पूजाकार्यों में चाँदी का उपयोग निषिद्ध माना गया है, परंतु उसमें विद्यमान रजोगुण और वायुतत्त्व के कारण पितर नैवेद्य (भोजन)...
महात्माओं द्वारा कल्याण के निमित्त यह श्रुति दूधर्मेसे रुद्राष्टाध्यायी रूप नवनीत निकालकर साररूप लिया गया है।...
प्रतिष्ठा में जहां एक कुण्ड का विधान वहाँ ईशान, पूर्व, पश्चिम, सत्तर आदि का कण्ड आचार्य कुण्ड होता है। प्रतिष्ठा...