वेदों की भाषा संस्कृत है। सर्वप्रथम हम संस्कृत भाषा के कुछ विशेष अक्षरों के नाम तथा उनके उच्चारण की विधि...
शैव दर्शन में मूलभूत परम अद्वैत तत्त्व को परमशिव, अर्थात् परमेश्वर कहा गया है । संसार में होने वाले बन्धन...
संध्या कर्म के निश्चित काल का लोप हो जाने पर भी प्रायश्चित्त करना पड़ता है, फिर कर्म का लोप होने...
भारत मे २५ से अधिक शक तथा संवत्सर प्रचलित हुये। पर भारतीय लोग तिथि नहीं देते थे। तिथि केवल ग्रीक/रोमन...
'मनुष्य शक्तिशाली होने की महत्वाकांक्षा रखता है' इसी सिद्धांत के अनुसार अपनी अपनी अभिरूचि को लक्ष्य करके सभी प्रयत्न कर...
निरञ्जन तत्त्व-जो किसी प्रकार के अञ्जन से नहीं दीखे या अनुभव किया जा सके वह निरञ्जन तत्त्व है। यह अति...
ध्यान करते समय जिस महत्वपूर्ण पक्ष की सबसे अधिक उपेक्षा की जाती है, वह उसकी तैयारी से संबंध रखता है।...
30 मार्च 2025 रविवार से नवरात्रि प्रारंभ । नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ भगवती के एक स्वरुप श्री शैलपुत्री, श्री ब्रह्मचारिणी,...
डॉ दीनदयाल मणि त्रिपाठी प्रबंध संपादक- दुर्गा सप्तश्लोकी एक महान माला मन्त्र है, जो सप्तशतीरूपी क्षीरसागरका मन्थन कर मात्र ७ श्लोकों...