श्रीरामजी के द्वारपर श्रीहनुमान्जी सतत विराजमान रहते हैं और बिना उनकी आज्ञा के कोई रामजी की ड्योढ़ी में प्रवेश नहीं...
वराह ने समुद्र पार कर हिरण्याक्ष को मारा। जेन्द अवेस्ता के अनुसार हिरण्याक्ष का राज्य आमेजन नदी के क्षेत्र (दक्षिण...
मनुष्य का अनुकरण करने वाले पशु को भी कपि कहते हैं। तेज का स्रोत विष्णु है, उसका अनुभव शिव है...
आकाश में इसके ५ रूप हैं। ३ धामों के ३ अन्तरिक्षों में मूल पदार्थ दीखता है जिससे आदि हुआ, अतः इनको...
हनुमान् शब्द का हन्मन रूप वेद वर्णित है। ऋग्वेद में दूत शब्द ९० बार, हनू शब्द ४ बार तथा हन्मना...
विनायक का लक्षण है विघ्न करना। सुख, समृद्धि, स्वाध्याय, यज्ञ, पूजा जैसी उपादेय वस्तुओं और क्रियाओं में बाधा डालने वालों,...
श्रीराधा ने प्रियतम प्रेमार्णव श्रीश्यामसुन्दर के दर्शन करके सर्वसमर्पण कर दिया। अब वे आठों पहर उन्हीं के प्रेम-रस-सुधा-समुद्र में निमग्न...
विष्णु यज्ञ रूप हैं, अतः असुरों द्वारा यज्ञ में बाधा होने पर विष्णु के पास गये, जिनके जाग्रत रूप जगन्नाथ...
बौद्ध धर्म के प्रचारक प्रमुख ब्राह्मण बौद्ध विद्वान...
शिक्षा का प्रभाव उसी पर होता है जिसमें ज्ञान प्राप्त करने की प्यास है। जो ज्ञान प्राप्त करने का इच्छुक...