जिस नक्षत्र में विवाह होता है, उसी के अनुरूप दैव-फल दाम्पत्य जीवन में प्रकट होता है।...
भौगोलिक रूप में भारत का मस्तिष्क स्थान हिमालय का त्रिविष्टप् (तिब्बत) है। इसके ३ विष्टप् (या विटप = वृक्ष) हैं।...
अग्नि देवताओं तक हवि पहुँचाता है। जैसे मानव पुरोहित यजमान और देवताओं के बीच सेतु है, वैसे ही सूक्ष्म स्तर पर अग्नि...
ज्योतिष-शास्त्र केवल दोष-निर्धारण तक सीमित नहीं है; शास्त्र इस दोष के क्षय, शमन तथा नाश के सिद्धांतों को भी स्पष्ट करते हैं।...
काल की एक अन्य गणना है कि किसी निर्दिष्ट समय से अब तक कितना समय बीता है। चन्द्र मन को...
भारतीय तांत्रिक परम्परा भूत-प्रेत-पिशाच-वेताल-डाकिनी-शाकिनी-ग्रह-ऊर्जा आदि सभी प्रकार की अदृश्य शक्तियों का वैज्ञानिक वर्गीकरण प्रस्तुत करती है। तंत्र-शास्त्र में इन्हें ऊर्जा-तत्त्व, सूक्ष्म-वायवीय...
मुण्डक उपनिषद् (१/१/१-५) के अनुसार देवताओं में प्रथम ब्रह्मा ने अपने ज्येष्ठ पुत्र अथर्वा को सभी विद्याओं का आधार ब्रह्मविद्या...
कालक्रम का अवलम्ब लेकर परिणाम अपना कार्य सम्पादित करता है। इस क्रम के द्वारा पूर्वापर का ज्ञान घटित होता है।...
किसी भी भवन का ब्रह्मस्थान खुला , खाली, हवादार एवं रौशनी युक्त होना चाहिए । ब्रह्मस्थान पर किसी भी तरह का...
‘वंदे मातरम्’ को 150 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष प्रदर्शनी : ‘वंदे मातरम्’ गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के...