यह स्तोत्र उस अर्गला को हटा कर सांसारिक विषयों के बंधनों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।...
भगवद्दत्त जी ने भारतवर्ष के बृहत् इतिहास, भाग १, पृष्ठ २८०-२८३ में द्वापर में आयुर्वेद अवतार का वर्णन किया है।...
विद्या प्राप्ति के लिये इससे मिलती-जुलती एक अन्य शैली भी है- श्रवण, मनन, निदिध्यासन और साक्षात्कार। इसके अनुसार पहले विद्यार्थी...
पशु की बलि निमित्त मात्र है, मुख्य बलि है पशुत्व की। देवी की प्रसन्नता पुरुष में अभिव्यक्त होती है। भोजन...
कुलदेवी, ग्रामदेवी, शक्तिपीठ आदि रूपों में देवी के विविध सगुण रूपों की उपासना की जाती है । हिन्दू संस्कृति में...
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही क्यों? इसका प्रथम उद्गाता वेद है । वेद अति प्राचीन वांग्मय है। इसके बारे में दो...
कुछ लोग कहते हैं कि कर्मों से मृत्यु पर विजय प्राप्त हो सकती है और कोई मानते हैं कि मृत्यु...
ऋग्वेद के अतिमहत्त्वपूर्ण सूक्तों में वाग्देवी और श्रद्धादेवी से सम्बद्ध दो सूक्त (ऋगू० १०.१२५.१ से ८ और ऋ० १०.१५१.१ से...
हिमालय में कैलास, मध्य में काशी, दक्षिण में काञ्ची शिव के स्थान हैं। हिमालय में ३ विटप हैं-पश्चिम में विष्णु...
आगम के अनुसार श्री का श्रमण-कर्म हरि (ब्रह्म) के अतिरिक्त अन्य कोई नहीं हो सकता। अतः जो नित्य परब्रह्म का...