अविनाश बाबू के कथनानुसार लाखों वर्ष पूर्व आर्य लोग उस जगह पर थे जहाँ सरस्वती नदी और राजपूताने का समुद्र...
विद्यामाया प्रभु-प्रेरित है। यदि भगवान प्रेरणा न करें तो उसके पास कोई बल नहीं है, वह विद्या है ही नहीं।...
भागवत की व्रजलीला और गीता की विभूतियाँ सूर्य, किरण, वर्षा, अन्न, प्रकाश, ग्रह, ग्रहगति, और विद्युत् आदि ही हैं। इन...
भतृहरि के अनुसार नाद और ध्वनि दोनों से बुद्धि में शब्द का अवधारण होता है। नाद और स्फोट में अन्तर...
कौलमत तन्त्र साहित्य में अत्यन्त महत्वपूर्ण साधनातन्त्र है। विज्ञान भैरव की टीका के अनुसार वेदादि से परम शैवतन्त्र है। शैव...
लोकसगीत का जन्म व्यक्ति के नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्सव- त्योहारों, रीति-रिवाजों एवं सामूहिक कार्यों द्वारा ही हुआ है। व्यक्ति के...
मानव शरीर की रचना स्वयं यन्त्रमय है। इसके अंग-प्रत्यंगों का सूक्ष्म रूप से अध्ययन करने पर त्रिकोण, चतुष्कोण आदि बने...