पशु की बलि निमित्त मात्र है, मुख्य बलि है पशुत्व की। देवी की प्रसन्नता पुरुष में अभिव्यक्त होती है। भोजन...
कुछ लोग कहते हैं कि कर्मों से मृत्यु पर विजय प्राप्त हो सकती है और कोई मानते हैं कि मृत्यु...
आगम के अनुसार श्री का श्रमण-कर्म हरि (ब्रह्म) के अतिरिक्त अन्य कोई नहीं हो सकता। अतः जो नित्य परब्रह्म का...
अविनाश बाबू के कथनानुसार लाखों वर्ष पूर्व आर्य लोग उस जगह पर थे जहाँ सरस्वती नदी और राजपूताने का समुद्र...
विद्यामाया प्रभु-प्रेरित है। यदि भगवान प्रेरणा न करें तो उसके पास कोई बल नहीं है, वह विद्या है ही नहीं।...
भागवत की व्रजलीला और गीता की विभूतियाँ सूर्य, किरण, वर्षा, अन्न, प्रकाश, ग्रह, ग्रहगति, और विद्युत् आदि ही हैं। इन...
भतृहरि के अनुसार नाद और ध्वनि दोनों से बुद्धि में शब्द का अवधारण होता है। नाद और स्फोट में अन्तर...
लोकसगीत का जन्म व्यक्ति के नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्सव- त्योहारों, रीति-रिवाजों एवं सामूहिक कार्यों द्वारा ही हुआ है। व्यक्ति के...
जय श्रीराम, यानि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीराम हृदय में दर्शन दें। - बार बार प्राणायाम के साथ इसका मानसिक उच्चारण...
आकाश में पिता पुत्र सम्बन्ध २ प्रकार का है। जन्म देने वाला पिता, उसका निर्माण क्षेत्र माता है।...