काल की एक अन्य गणना है कि किसी निर्दिष्ट समय से अब तक कितना समय बीता है। चन्द्र मन को...
भारतीय तांत्रिक परम्परा भूत-प्रेत-पिशाच-वेताल-डाकिनी-शाकिनी-ग्रह-ऊर्जा आदि सभी प्रकार की अदृश्य शक्तियों का वैज्ञानिक वर्गीकरण प्रस्तुत करती है। तंत्र-शास्त्र में इन्हें ऊर्जा-तत्त्व, सूक्ष्म-वायवीय...
कालक्रम का अवलम्ब लेकर परिणाम अपना कार्य सम्पादित करता है। इस क्रम के द्वारा पूर्वापर का ज्ञान घटित होता है।...
ॐ की शास्त्रीय व्याख्या में इतने अर्थ नहीं हैं, किन्तु हनुमत् चरित्र सभी प्रकार के अर्थ वाक् का समन्वय है।...
सृष्टि के मूल में कर्म-संस्कार अवश्य है तथापि अपक्व संस्कार से सृष्टि नहीं हो सकती। इसके लिये काल अपेक्षित है।...
इतिहासों के अवलोकन से अवगत होता है कि-कोटिहोम का प्रचार प्राचीन समय में अत्यधिक था किन्तु इघर सैकड़ों वर्षों से...
लोकपरंपरा के अनुसार सूर्य देव और छठी मैया का संबंध भाई-बहन का है । लोक मातृका षष्ठी की पहली पूजा...
सामान्यतः अमावस्या अशुभ मानी जाती है, परंतु यह अमावस्या शुभ और आनंदमयी होती है। यह दिन हर कार्य के लिए...
दीपदान का अर्थ होता है आस्था के साथ दीपक प्रज्वलित करना। कार्तिक में प्रत्येक दिन दीपदान जरूर करना चाहिए।...
नवरात्रि के अंतिम तीन दिन साधना को बढ़ाने के लिए सत्त्वगुणी "महासरस्वती" की पूजा की जाती है। इन तीनों शक्तियों...