यज्ञ चक्र चलने से अन्न सम्पत्ति अक्षय रहती है तथा समाज या सभ्यता सनातन रहती है। अतः अन्न उत्पादन के...
एक ही तत्त्व उत्पत्ति, स्थिति और संहार के लिये ब्रह्मा, विष्णु और शिव- इन तीन रूपों में आया है। इस...
ग्रीष्म ऋतु में जलन, गर्मी, चक्कर आना, अपच, दस्त, नेत्रविकार ( आँख आना / Conjunctivitis ) आदि समस्याएँ अधिक होती...
राम ने विभीषण के आदेशानुसार वहाँ सब सामग्री जुटाना प्रारम्भ कर दिया, जब सब सामग्री, घृत्त आदि वहाँ एकत्रित होने...
गंगा के अवतरण या जन्म की कई तिथियां हैं। स्वर्ग से भूमि पर गङ्गा का अवतरण ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को...
मणि पद्म-आकाश गंगा के समुद्र में उसकी सर्पाकार भुजा शेषनाग है, जिसके ७ खण्डों को ऋग्वेद (९/५४/२) में आकाशगंगा की...
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, हिंदुओं के नव वर्ष का आरंभ दिन है । इसी दिन सृष्टि की निर्मिति हुई थी, इसलिए...
नारद पुराण में भी कहा गया है की चैत्रमास के शुक्लपक्ष में प्रथमदिं सूर्योदय काल में ब्रह्माजी ने सम्पूर्ण जगत...
वे धर्म भीरु थे। यह ही कारण है कि उन्हें धर्मराज कहा जाता है ।...
महर्षि पाणिनि के अनुसार-अञ्जू गति पूजनयो: धातु से अग्नि शब्द बना है, जिसका अर्थ है वह जिसमें गति है यानी...