नवरात्रि के निमित्त हम इन देवियों के नौ रूपों की महिमा जानेंगे। नवरात्रि का व्रत अर्थात आदि शक्ति की उपासना...
“रामरक्षा” में राम अलग-अलग अंगों की रक्षा करते हैं, वैसे ही सप्तशती में ऋषियों ने बताया है कि कौन-सी देवी...
पितृपक्ष की अमावस्या को ही 'सर्वपितृ अमावस्या' कहते हैं l इस तिथि पर कुल के सभी पितरों के लिए यह श्राद्ध...
ग्रहण के समय जैविक प्रक्रियाएं धीमी हो जाती है अर्थात पाचन आदि की गति धीमी हो जाती है अतः भारी...
मनुभगवान्ने मृत्यु के आने का सर्वप्रथम कारण वेदों के अनभ्यास को बताया है। इस मन्त्र से तिलकी १०,००० आहुति देने...
हमारे देश में जहां धर्माचरण, साधना एवं गुरु की कृपा को भुलाया जा रहा है, वहीं समाज को मार्गदर्शन देने...
समस्त प्राणियों की उत्पत्ति, स्थिति और प्रलय का कारण प्राणवायु नहीं हो सकता। अतः यहाँ 'प्राण' नाम से ब्रह्म का...
शिवालय के प्रत्येक मंदिर में नन्दी के दर्शन सर्वप्रथम होते है! यह शिव का वाहन है! यह सामान्य बैल नहीं...
प्रातःसंध्या का तो समस्त कार्य पूर्वाभिमुख होकर ही करना चाहिये। परंतु मध्याह्न-संध्या और सायं-संध्या में अर्घ्य, उपस्थान और जप- सूर्य...
परब्रह्म हमारी कल्पना से परे है, अतः उसे ३ विभागों में वर्णन करते हैं। हर प्रकार से विभाजन करने पर...