कतिपय महत्त्वपूर्ण आचारों की समीक्षा से स्पष्ट हो जाता है कि स्मृतिकारों की सूक्ष्म दृष्टि से मानव-जीवन का कोई क्षण...
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महतत्व से लेकर पंच्च् महाभूत – पर्यन्त यह समस्त जगत तुम्ही से सृष्ट होता है सब कारणों का कारण बह...