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  • ज्योतिष विज्ञान
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  • 14 April 2026
नवग्रह स्थायी क्यों? आधुनिक ग्रहों को जोड़ने पर वैदिक मत

संस्कृत में ‘ग्रह’ का अर्थ है—“गृहीतुम् शक्तः” अर्थात—जो जीव के कर्मफल को ग्रहण कर के उसे भोग के रूप में...

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  • ज्योतिष विज्ञान
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  • 23 March 2026
जन्मकुंडली के "केन्द्र–त्रिकोण का महत्व "

केन्द्र–त्रिकोण का सिद्धान्त ज्योतिषशास्त्र का ऐसा आधार है जिस पर समस्त योग-सिद्धान्त, राजयोग, लक्ष्मीनारायण योग, धर्म–कर्माधिपति योग तथा अनेक चर-स्थावर,...

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  • ज्योतिष विज्ञान
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  • 01 March 2026
इस चंद्रग्रहण में क्या करें, क्या न करें ?

चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है।...

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  • ज्योतिष विज्ञान
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  • 18 February 2026
“संतान योग या संतान-वियोग? पंचम-द्वादश संबंध का गूढ़ ज्योतिषीय संकेत”

पंचम भाव को संतान-भाव कहा गया है। यह पूर्वजन्म के पुण्य, विद्या, बुद्धि, मंत्र-जप, रचनात्मकता तथा प्रेम से भी संबंधित...

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  • ज्योतिष विज्ञान
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  • 31 January 2026
विवाह-मुहूर्त में वर्जित नक्षत्र

जिस नक्षत्र में विवाह होता है, उसी के अनुरूप दैव-फल दाम्पत्य जीवन में प्रकट होता है।...

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  • 24 January 2026
क्या हैं मंगल दोष समाप्ति के नियम ?

ज्योतिष-शास्त्र केवल दोष-निर्धारण तक सीमित नहीं है; शास्त्र इस दोष के क्षय, शमन तथा नाश के सिद्धांतों को भी स्पष्ट करते हैं।...

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  • 17 December 2025
ब्रह्मस्थान ऊर्जा का सबसे अहम स्थान - पिरामिड वास्तु

किसी भी भवन का ब्रह्मस्थान खुला , खाली, हवादार एवं रौशनी युक्त होना चाहिए । ब्रह्मस्थान पर किसी भी तरह का...

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  • 07 December 2025
जब विज्ञान और ज्योतिष मिलते हैं: क्वांटम टनलिंग का आध्यात्मिक रहस्य

यह शोधप्रबंध क्वांटम टनलिंग और ज्योतिष के बीच संबंध का विश्लेषण करता है और दर्शाता है कि कैसे वैदिक शास्त्रों...

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  • 26 November 2025
भूमि-प्राप्तिके लिये अनुष्ठान

स्कन्दपुराण के वैष्णव खण्ड में आया है कि भूमि प्राप्त करने के इच्छुक मनुष्य को सदा ही इस मन्त्र का...

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  • 14 April 2025
भूमि-प्राप्ति के लिये कराएँ ये अनुष्ठान

किसी व्यक्तिको प्रयत्न करनेपर भी निवासके लिये भूमि अथवा मकान न मिल रहा हो, उसे भगवान् वराहकी उपासना करनी चाहिये।...