प्रत्येक ईश्वरवादी ईश्वर को सत् मानता है अर्थात् ईश्वर का अस्तित्व उसके लिये सदा बना रहता है। प्राणियों की तरह...
ध्यान कोई कोई धर्म नहीं, यह तो एक एक व्यावहारिक, व नियोजित तकनीक है, जिसके माध्यम से अपने-आप को सभी...
ध्यान के साधक को, मन को एकाग्र करने के लिए कोई आंतरिक साधन दिया जा सकता है। प्रायः इसके लिए...
भगवद्दत्त जी ने भारतवर्ष के बृहत् इतिहास, भाग १, पृष्ठ २८०-२८३ में द्वापर में आयुर्वेद अवतार का वर्णन किया है।...